Hindi Grammar - सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण - Hindi Vyakaran

Hindi Grammar - आज की इस पोस्ट में हम All Classes के लिए हिंदी ग्रामर लिख रहे है। यहाँ पर सम्पूर्ण ग्रामर का उल्लेख किया गया है। ग्रामर के सभी टॉपिक्स को सारणी में क्रमशः दर्शाया गया है, जैसे सर्वनाम, संज्ञा आदि के आगे Read More दिया गया है जिस पर क्लिक करते ही आपको उस ग्रामर टॉपिक की पूरी जानकरी सिखने को मिल जाएगी। 

Hindi Grammar
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आप यहाँ पर In Hindi Grammar का सम्पूर्ण अध्ययन कर सकते है। 

    Hindi Grammar

    नमस्कार दोस्तों क्या आप अपनी कक्षा के लिए Hindi Grammar खोज रहे है, आप सही लेख पढ़ रहे है। इस लेख के माध्यम से में आपको समस्त हिंदी व्याकरण के टॉपिक्स की जानकारी प्रदान कर रहा हूँ। 

    हिन्दी व्याकरण हिंदी भाषा को शुद्ध रूप में लिखने और बोलने संबंधी नियमों का बोध कराने वाला शास्त्र है। यह हिंदी भाषा के अध्ययन का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें हिंदी के सभी स्वरूपों का चार खंडों के अंतर्गत अध्ययन किया जाता है; यथा- वर्ण विचार के अंतर्गत ध्वनि और वर्ण तथा शब्द विचार के अंतर्गत शब्द के विविध पक्षों संबंधी नियमों और वाक्य विचार के अंतर्गत वाक्य संबंधी विभिन्न स्थितियों एवं छंद विचार में साहित्यिक रचनाओं के शिल्पगत पक्षों पर विचार किया गया है।

    प्रिय छात्रों यहाँ पर हमने कक्षा 1-12th के लिए Hindi Grammar के सभी टॉपिक्स को शेयर किया है ताकि आपको अन्य जगहों पर Hindi Vyakaran खोजने की आवश्यकता ना हो। आपको जिस भी हिंदी ग्रामर भाग की जानकरी चाहिए आप यहाँ देख सकते है। सभी टॉपिक्स के नीचे Read More का ऑप्शन दिया गया है। इस पर क्लिक करके आप उस व्याकरण टॉपिक के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते है। 

    Hindi Grammar - सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण 

    नीचे तालिका में Hindi Grammar के सभी विषयो की एक लिस्ट दी गयी है जिसमे सभी हिंदी ग्रामर को कवर किया गया है। आपको जिस भी टॉपिक का अध्ययन करना है आप उस पर क्लिक करके पढ़ सकते है। 

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    Hindi Grammar

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    1.

    भाषा

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    वर्ण

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    शब्द

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    पद

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    5.

    वाक्य

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    संज्ञा

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    सर्वनाम

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    8

    विशेषण

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    9.

    क्रिया

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    10.

    क्रिया विशेषण

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    11.

    समुच्चय बोधक

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    12.

    विस्मयादि बोधक

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    13.

    वचन

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    14.

    लिंग

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    15.

    कारक

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    16.

    पुरुष

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    17.

    उपसर्ग

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    18.

    प्रत्यय

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    19.

    संधि

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    20.

    छन्द

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    21.

    समास

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    22.

    अलंकार

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    23.

    रस

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    24.

    विलोम शब्द

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    25.

    पर्यायवाची शब्द

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    26.

    अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

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    Hindi Grammar Topic Wise

    आधुनिक मानक हिंदी, हिंदुस्तान भाषा का मानकीकृत और संस्कृतकृत पाठ है। अंग्रेजी भाषा के साथ, देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी भारत की आधिकारिक भाषा है। यह भारत गणराज्य की 22 अनुसूचित भाषाओं में से एक है।

    Hindi Grammar Online

    दोस्तों यहाँ पर सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए Hindi Grammar दी गई। कोई भी विद्यार्थी English Hindi Grammar का अध्ययन फ्री में कर सकता है। जैसा कि हमने आपको बताया था कि सभी हिंदी व्याकरण के टॉपिक्स को हमने सारणी में जोड़ दिया है ताकि आपको ग्रामर पढ़ने में आसानी हो। 

    Hindi Vyakaran के प्रमुख भाग - 

    हिन्दी भाषा - हिंदी व्याकरण

    हिंदी ग्रामर का अध्ययन करने से पूर्व आपको भाषा का ज्ञान होना चाहिए। मुख से उच्चारित होने वाले शब्दों एवं वाक्यों के समूह को भाषा कहते है अर्थात आप जो भी मुँह से बोलते है वह एक भाषा है। 

    वर्ण - हिंदी व्याकरण

    किसी भाषा के एक अक्षर को वर्ण कहा जाता है जैसे - क, ख, ग आदि एवं इन अक्षरों के समूह को वर्णमाला कहा जाता है हिंदी व्याकरण में इन्हे ध्वनि भी कहते है। 

    शब्द - हिंदी व्याकरण

    एक या अधिक वर्णो से बनी स्वतंत्र सार्थक ध्वनि को शब्द कहते है। शब्द हिंदी व्याकरण का दूसरा खंड है जिसमे शब्द की परिभाषा, भेद-उपभेद, संधि, विच्छेद, रूपांतरण, निर्माण आदि से संबंधित नियमों का अध्ययन किया जाता है। 

    पद - हिंदी व्याकरण

    किसी वाक्य में प्रयुक्त शब्द को पद कहते है। हिंदी व्याकरण पद परिचय में आपको यह बताना होता है कि वाक्य में क्या-क्या प्रयोग हुआ है जैसे - संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया विशेषण, संबंधबोधक आदि। 

    वाक्य - हिंदी व्याकरण

    दो या दो से अधिक सार्थक पदों का समूह जिसका पूरा-पूरा अर्थ निकलता हो उस समूह को वाक्य कहते है। हिंदी व्याकरण में उदहारण के लिए - झूठ की पराजय होती है एक वाक्य है क्योंकि इसका पूरा-पूरा अर्थ निकलता है। 

    विराम चिन्ह - हिंदी व्याकरण

    विराम शब्द वि + रम् + घं से बना है और इसका मूल अर्थ है "ठहराव", "आराम" आदि होता है। हिंदी व्याकरण में विराम चिन्ह का प्रयोग वाक्य को रोकने या समाप्त करने में किया जाता है। 

    संज्ञा - हिंदी व्याकरण

    जिस शब्द से किसी व्यक्ति,वस्तु,स्थान, जाति आदि का बोध हो उसे हिंदी व्याकरण में संज्ञा कहते है। जैसे -  मनुष्य, नदी,पर्वत, पशु, पक्षी, लड़का, कुत्ता, गाय, घोड़ा, भैंस, बकरी, आदि। 

    सर्वनाम - हिंदी व्याकरण

    संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते है। यह ऐसे शब्द होते है जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते है। हिंदी ग्रामर में सर्वनाम का प्रयोग पुरुष और स्त्री दोनों के लिए किया जाता है। जैसे - मैं , तू , वह , हम , वे , आप , उसे , उन्हें , ये , यह आदि।

    विशेषण - हिंदी व्याकरण

    संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, परिमाण आदि) बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। जैसे - बड़ा, काला, लंबा, दयालु, भारी, सुन्दर, कायर, टेढ़ा-मेढ़ा, एक, दो आदि।

    क्रिया - हिंदी व्याकरण

    जिस शब्द अथवा शब्द-समूह के द्वारा किसी कार्य के होने अथवा किये जाने का बोध हो हिंदी व्याकरण में उसे क्रिया कहते हैं। जैसे- राम पढ़ रहा है'।

    क्रिया विशेषण - हिंदी व्याकरण

    जिन शब्दों से क्रिया की विशेषता का पता चलता है उन्हें हिंदी व्याकरण में क्रियाविशेषण कहते हैं। जैसे - वह धीरे-धीरे पढता है। इस वाक्य में पढता क्रिया है और धीरे-धीरे उसकी विशेषता।

    समुच्चय बोधक - हिंदी व्याकरण

    जिन शब्दों की वजह से दो या दो से ज्यादा वाक्य , शब्द , या वाक्यांश जुड़ते हैं उन्हें समुच्चयबोधक कहा जाता है। हिंदी व्याकरण में जहाँ पर "तब, और, वरना, किन्तु, परन्तु, इसीलिए, बल्कि, ताकि, क्योंकि, या, अथवा, एवं, तथा, अन्यथा" आदि शब्द जुड़ते हैं तो वहाँ पर वाक्य समुच्चयबोधक होता है।

    विस्मयादि बोधक - हिंदी व्याकरण

    जिन हिन्दी वाक्यों में आश्चर्य, हर्ष, शोक, घृणा आदि के भाव व्यक्त होँ, उन्हें विस्मय बोधक वाक्य कहते है। हिंदी व्याकरण में इन वाक्यों में सामान्यतः विस्मयादिबोधक चिह्न (!) का उपयोग किया जाता है।

    वचन - हिंदी व्याकरण

    भाषाविज्ञान में वचन (Number) एक संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया आदि की व्याकरण सम्बन्धी श्रेणी है जो इनकी संख्या की सूचना देती है (एक, दो, अनेक आदि)। हिंदी व्याकरण में वचन दो प्रकार के होते है। 

    • एकवचन 
    • बहुवचन 

    लिंग - हिंदी व्याकरण

    लिंग एक संस्कृत शब्द है जिसका मतलब निशान होता है। जिस संज्ञा शब्द से जाति का ज्ञान होता है उसे लिंग कहते है। हिंदी व्याकरण में लिंग दो प्रकार के होते है। 

    • पुलिंग 
    • स्त्रीलिंग 

    कारक - हिंदी व्याकरण

    संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उसके सम्बन्ध का बोध होता है, उसे कारक कहते हैं। 

    हिंदी व्याकरण में कुल आठ कारक होते हैं -

    • कर्ता
    • कर्म
    • करण
    • सम्प्रदान
    • अपादान
    • सम्बन्ध
    • अधिकरण
    • सम्बोधन

    पुरुष - हिंदी व्याकरण

    वे व्यक्ति जो संवाद के समय भागीदार होते हैं, उन्हें पुरुष कहा जाता है। जैसे: मेरा नाम लोकेश है। इस वाक्य में वक्ता(लोकेश) अपने बारे में बता रहा है। वह इस संवाद में भागीदार है एवं श्रोता भी है।

    उपसर्ग - हिंदी व्याकरण

    संस्कृत एवं संस्कृत से उत्पन्न भाषाओं में उस अव्यय या शब्द को उपसर्ग कहते हैं जो कुछ शब्दों के आरंभ में लगकर उनके अर्थ में परिवर्तन करता है अथवा उनमें कोई अन्य विशेषता उत्पन्न करता है। उपसर्ग = उपसृज् (त्याग) + घञ्। हिंदी व्याकरण में जैसे - अ, अनु, अप, वि, आदि उपसर्ग है।

    प्रत्यय - हिंदी व्याकरण

    शब्द के अंत में जुड़ने वाले शब्द को प्रत्यय कहते है। जैसे चट शब्द में आई जोड़ने पर चटाई शब्द बनता है। इसमें आई एक प्रत्यय है जो शब्द के अंत में जुड़ा है। 

    संधि - हिंदी व्याकरण

    दो निकटवर्ती वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है वह संधि कहलाता है। जैसे - लोक + ऐश = लोकेश ; विद्या + आलय = विद्यालय।

    छन्द - हिंदी व्याकरण

    'वर्णों या मात्राओं के नियमित संख्या के विन्यास से यदि आह्लाद पैदा हो, तो उसे छंद कहते हैं'।

    समास - हिन्दी व्याकरण

    जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो एक नया और छोटा शब्द बनता है तो उस शब्द को हिंदी व्याकरण में समास कहते हैं। जैसे -‘पढ़ने के लिए शाला" इसे हम ‘पाठशाला’ भी कह सकते हैं।

    अलंकार - हिन्दी व्याकरण

    काव्य में भाषा को शब्दार्थ से सुसज्जित तथा सुन्दर बनाने वाले चमत्कारपूर्ण मनोरंजन ढंग को अलंकार कहते हैं। हिंदी व्याकरण में अलंकार का शाब्दिक अर्थ है, 'आभूषण'होता है। जिस प्रकार सुवर्ण आदि के आभूषणों से शरीर की शोभा बढ़ती है उसी प्रकार अलंकारों से काव्य की शोभा बढ़ती है।

    रस - हिन्दी व्याकरण

    काव्य को पढ़ने या सुनने से जिस आनन्द की अनुभूति होती है, उसे हिंदी व्याकरण में 'रस' कहा जाता है। रस का शाब्दिक अर्थ है 'आनन्द' होता है। रस को काव्य की आत्मा माना गया है। 

    विलोम शब्द - हिंदी व्याकरण

    किसी शब्द के विपरीतार्थक शब्द को उस शब्द का विलोम शब्द कहते है। विलोम शब्द का अर्थ "उल्टा" होता है। हिंदी व्याकरण में इसे विपरीतार्थक शब्द भी कहते हैं।

    पर्यायवाची शब्द - हिंदी व्याकरण

    किसी शब्द-विशेष के लिए प्रयुक्त समानार्थक शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं। 

    अनेक शब्दों के लिए एक शब्द हिंदी व्याकरण

    हिंदी शब्दों में अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द का प्रयोग कर सकते हैं। हिंदी व्याकरण में अनेक शब्दों में एक शब्द का प्रयोग करने से वाक्य के भाव का पता लगाया जा सकता है।

    Final Words On Hindi Vyakaran

    प्रिय छात्रों हमे उम्मीद है आपको यहाँ पर Hindi Grammar के प्रत्येक भाग की जानकारी मिल गयी होगी। यदि आपका कोई मित्र है तो उसके साथ इस आर्टिकल को शेयर करे ताकि वो भी यहाँ से हिंदी व्याकरण का अध्ययन कर सके। यदि आप ऑनलाइन Hindi Vyakaran को अध्ययन रोजाना करना चाहते है तो इस पेज को Bookmark कर सकते है। 

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